कांग्रेस माफ़िया को संरक्षण देती है: जयराम ठाकुर

विधानसभा सत्र शुरु हंगामे की भेंट चढ़ा पहला दिन

देवलोक न्यूज.शिमला 

हिमाचल विधानसभा का मॉनसून सत्र सोमवार को दोपहर 2 बजे से शुरू हुआ।इस मौके पर  सदन की कार्यवाही पण्डित शिव लाल , चौधरी विद्या सागर और शिव कुमार उपमन्यु के निधन पर शोकोदगार से शुरू हुई। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी जिला के चच्योट से विधायक रहे पंडित शिव लाल को याद किया और कहा कि आज तक के चुनाव में सिर्फ शिव लाल से ही वह सबसे कम 3500 वोटों से जीते। 80 वर्षीय शिव लाल 1985 से 90 तक हिमाचल विधानसभा में सदस्य रहे। चौधरी विधा सागर कांगड़ा 1982 , 85 , 90 व 1998 में विधायक रहे जिंसमे एक बार राज्य स्वास्थ्य मंत्री भी रहे। इसके साथ ही 1998 में कृषि मंत्री रहे। उनका ओबीसी समाज के लिए बहुत सम्मान था इस बिरादरी के लिए उन्होंने बहुत काम किया।

वहीं मुख्यमंत्री ने हिमाचल के पूर्व कैबिनेट मंत्री पंडित शिव कुमार उपमन्यु के निधन पर शोक व्यक्त किया। बीजेपी की केंद्रीय मंत्री रही तेज तर्रार नेता सुषमा स्वराज और दिल्ली की मुख्यमंत्री रही शीला दीक्षित के निधन पर भी मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त किया। वहीं भारी बारिश की वजह से हिमाचल में हुई मौतों पर भी दुःख व्यक्त किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।

वहीं शोकोदगार ख़त्म  होने के बाद सतपाल रायजादा को शराब माफ़िया से जोड़ने का मामला उठाया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिन्दल ने बताया कि विपक्ष की तरफ़ से नियम 67 स्थगन प्रस्ताव दिया है। उस पर विचार कर निर्णय दिया जाएगा। सतपाल रायजादा को शराब माफ़िया से जोड़ने पर सदन तपा। विपक्ष ने अपनी सीटें छोड़ स्पीकर के सामने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा की कांग्रेस हर तरह के माफ़िया के ख़िलाफ़ है। लेकिन राजनीतिक षड्यंत्र के तहत विधायक को पुलिस द्वारा फंसाना गलत है,ये नहीं चलेगा। पुलिस ने जानबूझकर उनको फंसाने की कोशिश की। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें मौका दिया जाएगा, लेकिन विपक्ष ने एक नहीं सुनी ,सदन में हंगामा शुरू कर दिया और  नारेबाजी करते हुए सभी विपक्ष के विधायक स्पीकर बेल में आ गए। उधर सत्ता पक्ष की तरफ से भी नारेबाजी हुई। सत्ता पक्ष ने कांग्रेस पर शराब माफ़िया को संरक्षण देने का आरोप लगाया। सदन में एक दूसरे के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी हुई और माहौल गरमा गया। सदन को कुछ देर के लिए स्थगित करना पड़ा।

पक्ष और विपक्ष के बीच नारेबाज़ी और हंगामा हुआ

वहीं 15 मिनट के बाद सदन की कार्यवाही फ़िर से शुरू हुई तो विपक्ष ने फ़िर से वही मामला उठाना शुरू कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष विपक्ष को बार-बार समझाते रहे, लेकिन विपक्ष अपनी सीटों पर खड़ा हो गया और एक बार फिर नारेबाज़ी करता हुआ अध्यक्ष के सामने बेल में आ गया। इसी बीच विपक्ष के विधायक तो सदन से वॉकआउट कर गए लेकिन विक्रमादित्य सिंह रुक गए ओर बोलने लगे। इसी बीच मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस माफ़िया को सरंक्षण देती है। सरकार माफ़िया के ख़िलाफ़ कार्यवाही करती है, कांग्रेस उसका समर्थन करती है ये शर्म की बात है। मुख्यमंत्री की इस बात को सुनकर विपक्ष फ़िर सदन में आ गया और स्पीकर के सामने नारेबाज़ी करने लगा। दोनों तरफ पक्ष और विपक्ष के बीच नारेबाज़ी और हंगामा होता रहा।

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज भी कुछ कहना चाहते थे लेकिन विपक्ष तो कुछ सुनने को तैयार ही नहीं था। उधर भाजपा के सभी विधायक नारेबाजी करते रहे जबकि अनिल शर्मा चुपचाप बैठे रहे। इस मौके पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी चुपचाप अपनी सीट पर बैठे रहे जबकि बाकि सभी मंत्री जोरदार नारेबाजी के साथ तालियां बजाते रहे। तीन घंटे तक इस मुद्दे पर हंगामा चलता रहा और कांग्रेस ने मुख्यमंत्री की बात भी नहीं सुनी।

 

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