क्यों है खास है और कब है  वसंत पंचमी ?

जया शर्मा .देवलाेक न्यूज शिमला

बसंत पंचमी या श्री पंचमी हिन्दुओं के पवित्र त्यौहारों में से एक है। जिसे पुरे भारत में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस दिन विद्या की देवी सरस्वती जी की पूजा की जाती है। इसे पूर्वी भारत,पश्चिमोत्तर बांग्लादेश, नेपाल और और कई राज्यों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन स्त्रियां पीले वस्त्र पहनती है।प्राचीन भारत और नेपाल में पुरे साल को जिन छः मौसमों में बांटा जाता है उनमे सबसे मनचाहा मौसम बसंत ही था। इस मौसम में फूल खिलने लगते है, खेतों में सरसो लहलहा उठती है, जाऊ और गेहूं की बालियां खिलने लगती है, आमों के पेड़ पर बौछारें आ जाती है और हर तरफ रंग बिरंगी तितलियाँ मजंदराने लगती है। वसंत ऋतू का स्वागत करने के लिए पांचवे दिन बड़ा उत्सव मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और कामदेव की पूजा की जाती है। इसके साथ ही इस दिन विद्यार्थी अपनी आराध्य यानी देवी सरस्वती का पूजन करते है।

वसंत पंचमी कब ?

इस साल बसंत पंचमी को लेकर पंचाग भेद भी है। इसलिए कुछ जगहों पर ये पर्व में 29 और कई जगह 30 जनवरी को बसंत पंचमी मनाई जाएगी। पंचमी तिथि बुधवार सुबह 10.46 से शुरू होगी जो गुरूवार दोपहर 1.20 तक रहेगी। दोनों दिन पूर्वाह्न व्यापिनी तिथि रहेगी। धर्मसिंधु आदि ग्रंथों के अनुसार यदि चतुर्थी तिथि विद्धा पंचमी होने से शास्त्रोक्त रूप से 29 जनवरी बुधवार को वसंत पंचमी मनाना श्रेष्ठ रहेगा।

ग्रह-नक्षत्रों की शुभ स्थिति

मदन गुप्ता सपाटू के अनुसार इस  बार बसंत पंचमी इसलिए भी श्रेष्ठ है,क्योंकि सालों बाद ग्रह और नक्षत्रों की स्थिति इस दिन को और खास बना रही है। इस बार तीन ग्रह खुद की ही राशि में रहेंगे। मंगल वृश्चिक में, बृहस्पति धनु में और शनि मकर राशि में रहेंगे। विवाह और अन्य शुभ कार्यों के लिए ये स्थिति बहुत ही शुभ मानी जाती है।

वसंत पंचमी अबूझ मुहूर्त वाले पर्वों की श्रेणी में शामिल है, लेकिन इस दिन गुरुवार व उतराभाद्रपद नक्षत्र होने से सिद्धि योग बनेगा। इसी दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा। दोनों योग रहने से वसंत पंचमी की शुभता में और अधिक वृद्धि होगी।

कुछ क्षेत्रों में देवी की पूजा कर प्रतिमा को विसर्जित भी किया जाता है।

वसंत पंचमी मुहूर्त

पञ्चमी तिथि का प्रारम्भ – 29 जनवरी 2020 को 10:45 AM बजे से होगा।

पञ्चमी तिथि की समाप्ति – 30 जनवरी 2020 को 01:19 PM बजे पर होगी।

वसन्त पञ्चमी मध्याह्न का क्षण (पूजा मुहूर्त) – 10:47 AM से 12:34 PM तक रहेगा।

पूजा के मुहूर्त की कुल अवधि – 01 घण्टा 49 मिनट्स की है।

क्यों खास है बसंत पंचमी

  •  बसंत पंचमी के दिन को माता पिता अपने बच्चों की शिक्षा-दीक्षा की शुरुआत के लिए शुभ मानते हैं।ज्योतिषाचार्यों के अनुसार तो इस दिन बच्चे की जिह्वा पर शहद से ए बनाना चाहिए इससे बच्चा ज्ञानवान होता है व शिक्षा जल्दी ग्रहण करने लगता है।
  •  बच्चों को उच्चारण सिखाने के लिहाज से भी यह दिन बहुत शुभ माना जाता है।
  •  6 माह पूरे कर चुके बच्चों को अन्न का पहला निवाला भी इसी दिन खिलाया जाता है।

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