प्रधानमंत्री चीन के बारे में अपनी नीति स्पष्ट करें:राठौर

देवलोक न्यूज.शिमला
कांग्रेस के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने भाजपा नेताओं की आलोचना करते हुए कहा है कि वह अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए गांधी परिवार को बदनाम करने की साजिश रच रही है।उन्होंने कहा है कि राहुल गांधी के प्रश्नों के उत्तर से बचने के लिए वह राजीव गांधी फाउंडेशन पर मनगढ़त झूठे आरोप लगा कर वह चीन से आय प्रधनमंत्री केअर फंड में पैसे के हिसाब से साफ बचना चाह रही है।
राठौर ने कहा कि प्रधानमंत्री को देश को बताना चाहिए कि उसे अब तक कितना फंड चीन से मिला है।उन्होंने कहा है कि चीन ने जिस प्रकार भारत की सीमा में प्रवेश किया और हमारे जवानों को इसकी रक्षा में अपनी जान गवानी पड़ी,उसकी पूरी जानकारी प्रधानमंत्री को देनी चाहिए। राठौर ने प्रधानमंत्री से पूछा कि वह बताए कि कोविड 19 के चलते चीन से कितना पैसा प्रधानमंत्री केयर फंड में आया।अब तक इसमें कितना इकट्ठा हो गया है और यह कहां खर्च किया जा रहा है।उन्होंने कहा है कि उन्हें देश को यह भी बताना चाहिए कि जबकि प्रधानमंत्री कार्यालय में पहले से ही एक राष्ट्रीय आपदा कोष स्थापित है तो प्रधानमंत्री केयर फंड को स्थापित करने की क्या आवश्यकता पड़ी।उन्होंने यह भी पूछा कि इस फंड को आरटीआई के दायरे से बाहर रखने की क्या जरूरत पड़ी।राठौर ने प्रधानमंत्री से पूछा है कि वह बताए कि क्या इस समय चीन की कंपनी हावेल से सात करोड़ का फंड नही लिया गया।जबकि यह कंपनी विबादो में रहते हुए इसका सम्बंध लिबरेशन आर्मी से रहा है।
 राठौर ने पूछा है क्या टिक टाक से 30 करोड़ का फंड नहीं लिया है।
पेटीएम से जिसकी चीन से 38 प्रतिशत की हिस्सेदारी है से 100 करोड़ का फंड नहीं लिया। उन्होंने कहा कि क्सिओमी से जो चीन की एक बड़ी कंपनी है 15 करोड़ नहीं लिए। इसके अलावा यह भी बताएं कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा फंड से प्रधानमंत्री केयर फंड में कितना पैसा स्थानातरित किया गया।
राठौर ने प्रधानमंत्री से कहा है की वह चीन के बारे में अपनी नीति स्पष्ट करें।उन्होंने कहा है कि चीन के प्रधानमंत्री से उनके मधुर संबंध हो सकतें है,वह किस भी प्रधानमंत्री के साथ झूला झूले या ढोल पिटे पर भारत की सम्प्रभुता को खतरे में नही डाल सकते।
राठौर ने प्रधानमंत्री से कांग्रेस द्वारा उठाए गय उन सभी प्रश्नों का उत्तर देने की मांग करते हुए कहा है कि वह देश को किसी भ्रम में न डाले और  देश को गुमराह करना बंद करें।

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