अपने जीवन में सुख पाना चाहते है तो श्री राम भगवान के आदर्शों पर चलें:कुलदीप आर्य

जया शर्मा. देवलोक न्यूज.शिमला

वाल्मीकि रामायण का ग्रंथ भी हमें राह दिखता है,  संस्कृप्रख्यात मनीषी एवं प्रखर वक्ता कुलदीप आर्य ने  कहा कि श्री राम के क्रिया कलाप हमारे जीवन में नहीं आते तो उनका जयकारा व्यर्थ है। संस्कृति के रंग में रंग कर ही आनंद का अनुभव होता है। और यह संस्कृति के रंग हमें अपने प्राचीन ग्रंथों में मिलते हैं । महऋषि ति के, वेद आचरण के और जीवन मूल्यों के।

कुलदीप आर्य ने वीरवार को राजभवन में आयोजित किये जा रहे रामचरित चिंतन सत्र के चौथे दिन रामायण चिंतन प्रस्तुत कर रहे थे। इससे पूर्व, वीरवार को सत्र के मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक सीता राम मरडी ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत और लेडी गवर्नर दर्शना देवी के साथ दीप प्रज्वलित कर सत्र का शुभारम्भ किया।

श्री राम के स्वयंवर का वृतांत कुलदीप आर्य ने बहुत ही सुंदर तरीके से राम चरित मानस की मधुर चौपाइयों के साथ सुनाया, जिसे सुनकर राजभवन का दरबार हाॅल भी तालियों से गूंज उठा। जैसे व्यक्तित्व के श्री राम हैं वैसा कोई भी राजा नहीं था। श्री राम द्वारा शिव धनुष को उठाने और उस पर प्रत्यंचा चढ़ाने तक का सुंदर वृतांत कुलदीप आर्य ने सुनाया।

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