सब्जी मंडी पहुंचे काफल

200 रुपये किलो बिक रहा है काफल

शरीर की प्रतिशोधक क्षमता को बढ़ाता है काफल

जया शर्मा .शिमला

राजधानी शिमला की सब्जीमंडी में काफल ने दस्तक दी हैं। यह काफल 200 रुपये किलो के हिसाब से बिक रहा हैं। यह जुब्बलहटटी व आसपास एरिया के काफल सब्जीमंडी पहुंचे हैं। मशोबरा ब्लॉक के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इन दिनों काफल पक कर तैयार हो गया है ।  वहीं विशेषकर  जनेडघाट, कमहाली , बलदेआं, कोटी, शलईल, नोंवा, सकोड़ी बीणू इत्यादि गांव के लोग जंगलों में काफल को चुनने में व्यस्त हैं।  काफल के पेड़ काफी ऊंचे होते है । परंतु लोग अपनी जान को जोखिम मे डालकर  काफल का एक- एक दाना बड़े चाव से चुनकर बैग में भर कर घर लाते हैं। आर्थिक तौर पर भी यह फल वर्तमान लोगों के लिए काफी लाभदायक सिद्ध  हो रहा  है और  मार्किट में काफल के फल को बड़े चाव के साथ खरीदते हैं ।

बता दें कि काफल एक जंगली फल है जोकि सभी औषधीय गुणों से भरपूर है । यह फल हिमाचल प्रदेश सहित हिमालय के अन्य क्षेत्रों में जंगली तौर पर पाए जाने वाला एक सदाबहार पेड़ है जोकि कई औषधीय गुणों से भरपूर होने के कारण शरीर की प्रतिशोधक क्षमता को बढ़ाने में बहुत सहायक होता है । काफल के पेड़ 1000 से 2000 मीटर की ऊंचाई में पाए जाते है । यह फल रस से भरपूर होता है तथा इसका स्वाद खटटा-मिठा होता है ।

काफल में विटामिन्स, आयरन व एंटी ऑक्सीडेंटस प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं । इसके अतिरिक्त काफल में कई प्रकार के प्राकृतिक तत्व जैसे माईरिकेटिन और ग्लाकोसाइडस भी विद्यमान है । काफल की पत्तियों में लावेन 4, हाईड्रोक्सी 3 पाया जाता है । काफल के पेड़ की छाल, फल तथा पत्तियां भी औषधीय गुणों से भरपूर मानी जाती है ।

काफल जंगल में पाए जाने वाला एक विशेष मौसमी फल है । औषधीय गुणों से भरपूर यह फल शरीर में प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करता है । इस फल के सेवन से जहां कई तरह की बीमारियों से बचाव होता है।

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